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हुनरबाज हिमाचल सीजन-8 में लोक संस्कृति की छटा, प्रदेशभर से जुटीं प्रतिभाएं

शिमला, 24 अगस्त (rhnn) : हिमाचली लोक संस्कृति और प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित “हुनरबाज हिमाचल सीजन-8” का दो दिवसीय आयोजन ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गोथिक गेयटी हॉल में संपन्न हुआ। देव भूमि हिम कला मंच और हिमालयन सोशल एजुकेशनल एग्री विजन फाउंडेशन (एचआईएमएसईए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे बच्चों, युवाओं और अन्य प्रतिभागियों ने लोक एवं शास्त्रीय नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में हिमाचली लोक नृत्य वर्ग में करीब 30 और शास्त्रीय नृत्य वर्ग में करीब 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शनिवार को पहले चरण के बाद रविवार को फिनाले में प्रतिभागियों ने दमदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बायोसाइंस विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. नीलम ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान प्रदेश सचिव सावित्री कश्यप और प्रदेश अध्यक्ष विमला वर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

डॉ. नीलम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही समय पर उचित मंच और मार्गदर्शन देने की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है। उन्होंने देव भूमि हिम कला मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों से हार-जीत से ऊपर उठकर निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया। हिमाचली लोक नृत्य के किड्स वर्ग में दिव्यांशी प्रथम, समायरा द्वितीय और आश्वी तृतीय रहीं। जूनियर वर्ग में निष्ठा प्रथम, सूर्यांश द्वितीय और मनीष तृतीय रहे। सीनियर वर्ग में ईशल प्रथम, हेतल द्वितीय और इशिका तृतीय रहीं। ओपन सीनियर वर्ग-1 में नीलाक्षी, गीता और चांदनी ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। ओपन वर्ग-2 में सीमा कश्यप प्रथम और रणजीत द्वितीय रहे।

शास्त्रीय नृत्य के किड्स वर्ग में तेजल प्रथम, वृधी द्वितीय और अंशिका तृतीय रहीं। जूनियर वर्ग में सोनाक्षी प्रथम, एरिन द्वितीय और आहना तृतीय रहीं। सीनियर वर्ग में रोहिणी प्रथम और दीक्षिता द्वितीय रहीं, जबकि ओपन वर्ग में प्रियंका ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में लिटिल स्टार मास्टर जतिन शर्मा की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी शानदार मंचीय प्रस्तुति और प्रतिभा को देखते हुए उन्हें ‘स्टार मास्टर’ के खिताब से सम्मानित किया गया। आयोजन की फोटोग्राफी में मंच सदस्य अंकुश ओलटा का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक अनिल कुमार हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, सहायक प्रोफेसर शैलजा चंदेल, एपीआरओ शिमला अजय बन्याल, डीआई किशोर कुमार, भूपेश शर्मा और डॉ. नरेश कौडल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. मदन झालटा, मिनाक्षी शर्मा, सिमी शांडिल्य, आयुष और पल्लवी ठाकुर शामिल रहे।

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन ऑडिशन के माध्यम से भी प्रतिभाओं का चयन किया गया था। वहीं शोघी के नृत्य कला उत्सव से करीब 18 प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया। देव भूमि हिम कला मंच के संस्थापक देवेंद्र कुमार ने कहा कि मंच का उद्देश्य हिमाचली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मंच पिछले करीब दस वर्षों से कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर रहा है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेगा।

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