शिमला, 25 अगस्त (rhnn) : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के बेहतर क्रियान्वयन और समग्र प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को मध्यम राज्य श्रेणी में दूसरा रनर-अप घोषित किया गया है। नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में 24 और 25 अगस्त को आयोजित योजना के सम्मेलन में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने प्रदेश को यह पुरस्कार प्रदान किया। उद्योग विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक रमेश वर्मा ने पुरस्कार ग्रहण किया। प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि योजना से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल रही है। प्रदेश में योजना के तहत अब तक 2906 ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनकी कुल परियोजना लागत 191.73 करोड़ रुपये है, जबकि 73.17 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी गई है। वहीं करीब 16,083 स्वयं सहायता समूह सदस्यों को 59.29 करोड़ रुपये की बीज पूंजी उपलब्ध करवाई गई है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए शिमला के जिला नोडल अधिकारी संजय कंवर को सर्वश्रेष्ठ जिला नोडल अधिकारी और जिला संसाधन व्यक्ति रविंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ जिला संसाधन व्यक्ति का पुरस्कार मिला। प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी सहायता देने के लिए पालमपुर, कुकुमसेरी और नौणी में तीन खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण एवं विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उद्योग विभाग ने योजना का लाभ अधिक से अधिक उद्यमियों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई है।

