शिमला, 06 अक्टूबर (rhnn) : भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मु ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में संस्थान के पहले स्नातक बैच को उपाधियां प्रदान कीं। एम्स बिलासपुर की यह विकास यात्रा प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसके योगदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार अरोड़ा तथा कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह भी उपस्थित थे। प्रथम स्नातक बैच एवं स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, अभिभावकों और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह एम्स बिलासपुर के विकास तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती भूमिका की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। समारोह में कुल 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 43 एमबीबीएस, 26 बीएससी ऑनर्स नर्सिंग, 9 बीएससी एलाइड हेल्थकेयर तथा 14 एमडी/एमएस के विद्यार्थी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए। एमबीबीएस से सागरिका और रक्षित वशिष्ठ, बीएससी एलाइड हेल्थकेयर साइंस से भावना ठकराल, बीएससी ऑनर्स नर्सिंग से भाव्या मल्होत्रा तथा एमडी, कॉम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन से प्रतीक गोयल को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह पर संस्थान को बधाई दी तथा स्नातक विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक अवसर के महत्व और गरिमा को और बढ़ाया है। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर की स्थापना से प्रदेश को एक ऐसा प्रतिष्ठित संस्थान मिला है, जो अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान से न केवल हिमाचल प्रदेश के लोगों को लाभ मिल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्यों तथा दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। बिलासपुर में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से पहाड़ी राज्य के लोगों के सामने लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण समस्या के समाधान में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अक्तूबर, 2022 को एम्स बिलासपुर के दौरे और संस्थान को राष्ट्र को समर्पित किए जाने का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा था कि एम्स बिलासपुर की स्थापना के साथ प्रदेश जिंदगियां बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
राज्यपाल ने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह इस दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि संस्थान का प्रथम स्नातक बैच अब ज्ञान, कौशल और सेवा के मूल्यों को अपने पेशेवर जीवन में आगे ले जाने के लिए तैयार है। उन्होंने एम्स बिलासपुर के संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की, जिन्होंने कम समय में संस्थान को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्नातक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी डिग्रियों के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने पेशेवर जीवन में करुणा, संवेदनशीलता और सेवा को केंद्र में रखें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी अपने ज्ञान और सेवा भावना का उपयोग राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर के स्नातक अपनी प्रतिभा, ज्ञान और सेवा भावना के माध्यम से देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी इस अवसर पर स्नातक विद्यार्थियों और एम्स बिलासपुर को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एम्स बिलासपुर के प्रथम बैच के विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक यात्रा पूरी करते हुए देखकर प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एम्स नेटवर्क के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए श्री नड्डा ने कहा कि देश में कई दशकों तक केवल एक एम्स था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 16 नए एम्स स्थापित किए गए हैं। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से एम्स बिलासपुर की प्रतिष्ठा को बनाए रखने तथा अपने पेशेवर जीवन में उत्कृष्टता और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य, स्नातक विद्यार्थी तथा उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।

