शिमला , 17 दिसंबर 25 (RHNN): राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस के मौके पर सोमवार को पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला शिमला इकाई ने कालीबाड़ी हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पेंशनर्स शामिल हुए। इधर, पेंशनर्स के दूसरे धड़े ने बिलासपुर में अलग कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिरकत की।
इस दोहरी मंच व्यवस्था के बाद प्रदेश में पेंशनर्स संगठनों की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। कालीबाड़ी कार्यक्रम के दौरान पेंशनर संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने सरकार और बिलासपुर में कार्यक्रम आयोजित करने वाले पेंशनर्स गुट पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की लाखों रुपये की देनदारियां अभी भी लंबित पड़ी हैं, बावजूद इसके सरकार समाधान की दिशा में गंभीर नहीं दिख रही। भूप राम ने आरोप लगाया कि बिलासपुर कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोग पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से निष्कासित तथा कांग्रेस से जुड़े चंद लोग हैं, जो संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला में मुख्यमंत्री से हुई भेंट के बाद भी सरकार ने पेंशनर्स को वार्ता के लिए नहीं बुलाया। सरकार पर वार्ता प्रक्रिया से दूरी बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि स्वयंभू नेता सरकार के साथ मिलकर पेंशनर्स के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए भूप राम ने कहा कि एक तरफ प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जश्न और राजनीतिक नियुक्तियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समिति की सहमति के बिना जेसीसी का गठन किया गया तो उसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भूप राम वर्मा ने साफ कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने की स्थिति में आपातकालीन बैठक कर आंदोलन की तिथि तय की जाएगी। पेंशनर्स ने इस दौरान सरकार से लंबित देनदारियां जारी करने, पेंशन लाभ बहाल करने और पेंशनर्स संगठनों की भागीदारी से ही निर्णय लेने की मांग उठाई। कार्यक्रम के अंत में पेंशनर्स ने सरकार को जल्द सकारात्मक फैसले लेने की अपील की।

