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तंबाकू मुक्त गांव बनाने की दिशा में कार्य करें – उपायुक्त

शिमला , 29 नवम्बर (RHNN) : जिला स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक शनिवार को शिमला में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हितधारकों और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू सेवन एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। इससे युवाओं को दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने और तंबाकू मुक्त वातावरण सृजित करने के लिए सभी विभागों का संयुक्त प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा अभियान 9 अक्तूबर से प होकर 8 दिसंबर तक जिले में चलेगा। अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों एवं शहरी निकाय क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों का अभिलेख राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम पोर्टल पर किया जाएगा। इसकी निगरानी भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से की जाएगी। बैठक में कोटपा अधिनियम 2003 के क्रियान्वयन स्थिति की समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध के नियमों का सख्ती से पालन हो। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश खुदरा व्यापार लाइसेंस अधिनियम, 2016 के अंतर्गत शहरी निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित आवश्यक अनुपालन को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि तंबाकू नियंत्रण से संबंधित सभी अधिनियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और आम जनता को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब समाज के सभी वर्ग विशेष रूप से युवा इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी करेंगे। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों, हितधारकों को तंबाकू मुक्त युवा अभियान की प्रतिज्ञा दिलाई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर नकेल कसने के लिए सांख्य आदेश जारी किए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब ढीली सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पाद बिना अनुमति बेचना कानूनी अपराध माना जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव तथा नगर क्षेत्रों में नगर निकायों के सचिव/कार्यकारी अधिकारी को अब पंजीकरण प्राधिकारी का अधिकार सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करेंगे और नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। हिमाचल प्रदेश लूज सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री प्रतिबंध अधिनियम, 2016 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब कोई भी दुकान, खोखा, ठेला या प्रतिष्ठान यदि तंबाकू उत्पाद बेचना चाहता है, तो उसे संबंधित पंचायत या नगर निकाय से अनुमति पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय को युवाओं को नशे से बचाने और तंबाकू की उपलब्धता पर नियंत्रण के लिए सरकार का सख्त कदम है। अनुमति के लिए आवेदन पत्र में भी कई महत्वपूर्ण शर्तें जोड़ी गई हैं। आवेदक को यह लिखित में देना होगा कि वह ढीली सिगरेट या बीड़ी नहीं बेचेगा, किसी भी शिक्षण संस्था से 100 मीटर की दूरी के भीतर तंबाकू उत्पाद नहीं बेचेगा और 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को तंबाकू सामग्री नहीं देगा। उन्होंने कहा कि दुकान में निर्धारित चेतावनी पट्ट 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध है। अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसके अतिरिक्त दुकान के भीतर किसी भी प्रकार का तंबाकू प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के अनुसार दुकानदार अपनी दुकान के भीतर स्वच्छता बनाए रखे, धूम्रपान पर रोक लगाएं और तंबाकू निषेध नियमों का पालन करवाएं। नकली, अवैध या प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री सख्ती से वर्जित होगी। अनुमति मिलने के बाद दुकानदार को निरीक्षण के समय प्राधिकारियों को पूरा सहयोग देना अनिवार्य होगा और यदि दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसकी अनुमति निरस्त की जा सकती है, वहीं दुकान के बाहर भी एक बड़ा बोर्ड लगाना होगा, जिसमें दुकानों के बाहर धुम्रपान करना निषेद्ध है और 18 साल से कम आयू के बच्चों को नशे का सामान नहीं दिया जाएगा लिखना होगा। उन्हें कहा ये आदेश जिला के सभी अधिकारियों, पुलिस विभाग, पंचायत राज विभाग, नगर निकायों, चिकित्सालयों और ब्लॉक विकास अधिकारियों को भेज दिया है ताकि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सके।

जिला शिमला में 30 गांवों को तंबाकू मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य रखता गया है। किसी गांव या पंचायत को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर एक को-आर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाता है, जिसमें ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि और विभाग के लोग भी शामिल होंगे। इसके साथ ही गांव के किसी ऐसे व्यक्ति को तंबाकू एंबेसडर बनाया जाएगा, जिनका अपना रूतबा हो और लोग उनकी बात को सुनते और मानते हों। यही कमेटी उस गांव या पंचायत को तंबाकू मुक्त करवाने की दिशा में आगे कार्य करेगी। इसके साथ ही तय मानकों को पूरा करने के उपरांत ही तम्बाकू मुक्त गांव घोषित किया जाएगा। अभियान के तहत 2458 आईसी की गतिविधियां हुई है। 639 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित कर दिया गया है।16 फ्लाइंग स्क्वाड गठित की गई है। रोजाना औसतन 28 पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। 14 ट्रेनिंग विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (NTCP) डॉ राखी शर्मा स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम, राज्य कर एवं आबकारी विभाग और अन्य संबंधित संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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