शिमला, 31 दिसंबर 25 (RHNN) : शिमला बायपास प्रोजेक्ट में NHAI को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। साल के आखिरी दिन टनल 4 के दोनों सीरे आपस में मिल चुके है। इससे शिमला बायपास के कार्य में तेजी आएगी। बता दें कि एक सप्ताह पहले ही 23 दिसंबर को टनल 5 के दोनों सिरे आपस में मिल थे। इसी कड़ी में अब टनल 4 के दोनों सीरे भी आपस में मिल चुके है।
इस टनल की कुल लंबाई 410 मीटर है, जिसका कार्य मात्र 9 महीनों के रिकॉर्ड अंतराल में पूरा किया गया है। टनल 4 का निर्माण भी मौजूदा समय में सबसे कारगर मानी जाने वाले NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से किया गया है। 31 दिसंबर 2025 को टनल के सिरे मिलने के दौरान NHAI के PIU शिमला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद कुमार, भारत कंस्ट्रक्शन के MD राजीव गर्ग और सभी फील्ड के कर्मचारी उपस्थित रहे।
क्या है शिमला बायपास प्रोजेक्ट :
NHAI की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना, चंडीगढ़ – शिमला कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण खंड है। इस परियोजना में पांच सुरंगें शामिल हैं, परियोजना का उद्देश्य जनता की यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है। शिमला बायपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और शिमला(ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उपरी शिमला का रुख करने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिल पाएगी। वहीं, सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे।

