शिमला, 02 मार्च 26 (RHNN) : आईजीएमसी शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग में कार्यरत सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित सचदेवा को जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारपूर्ण कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा में आयोजित भारतीय निवारक एवं सामाजिक चिकित्सा संघ (आईएपीएसएम) के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किए गए।
डॉ. सचदेवा को जनस्वास्थ्य नवाचार, शोध परियोजनाओं, फील्ड आधारित प्रशिक्षण मॉडल और सामुदायिक स्वास्थ्य सुधार के प्रयासों के लिए एफएचटीएस–आईएपीएसएम जनस्वास्थ्य नवाचार पुरस्कार, आईएपीएसएम सर्वश्रेष्ठ फील्ड प्रशिक्षण पद्धति पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ मौखिक शोध पत्र प्रस्तुति पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
इसके अलावा आईएपीएसएम–आईसीएमआर की “वन हेल्थ पहल” के अंतर्गत राष्ट्रीय समन्वयक व राज्य नोडल अधिकारी के रूप में प्रशंसा प्रमाणपत्र तथा सरोज झा पुरस्कार के लिए सहभागिता प्रमाणपत्र भी दिया गया।
डॉ. सचदेवा के नेतृत्व में संचालित “हर दिन सेहत अभियान” के माध्यम से समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता, नियमित जांच शिविर, निवारक उपायों के प्रचार और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही चिकित्सा विद्यार्थियों, इंटर्न्स और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रभावी फील्ड प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय मंच पर सराहना मिली है। उन्होंने विभिन्न जनस्वास्थ्य परियोजनाओं के जरिए रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, सामुदायिक सहभागिता और प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी उन्हें आईएपीएसएम प्रेसिडेंशियल एप्रिसिएशन अवॉर्ड और सर्वश्रेष्ठ युवा संकाय सदस्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।डॉ. सचदेवा ने कहा कि भविष्य में भी समाज के स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य जारी रखेंगे।

