शिमला,08 जून 26 (RHNN) : आज आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (संबंधित सीटू) के आह्वान पर आज हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की। हड़ताल के तहत प्रदेश भर से लगभग 4000 आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स शिमला पहुंचे और राज्य स्तरीय विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, आंगनबाड़ी वर्करज हेल्पर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव ऊषा रानी, सीटू हिमाचल प्रदेश के महासचिव प्रेम गौतम, सीटू हिमाचल प्रदेश के कोषाध्यक्ष जगत राम, यूनियन की प्रदेशाध्यक्षा नीलम जसवाल, महासचिव बीना शर्मा, राज्य कोषाध्यक्ष बिमला देवी तथा अन्य नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी वर्षों से आईसीडीएस परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उन्हें आज भी सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री धनी राम शांडिल से भेंट कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने यूनियन की मांगों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई। बैठक में मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई आंगनबाड़ी कर्मी श्रम न्यायालयों के माध्यम से ग्रेच्युटी प्राप्त कर रही हैं और सरकार इस विषय पर उचित कार्रवाई करेगी। मंत्री ने मोबाइल रिचार्ज के लिए दी जाने वाली राशि को वर्तमान 2000 रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 4000 रुपये वार्षिक करने पर सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कर्मियों को नए स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाने के लिए एक कमेटी गठित करने का भी आश्वासन दिया गया, जिसमें यूनियन के महासचिव भी सदस्य होंगे।
बैठक में हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के मानदेय में वृद्धि के मुद्दे पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। मंत्री ने इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन पर होने वाले खर्चों के संबंध में मंत्री जी ने कहा कि ईंधन, सब्जी, बिजली, सामग्री ढुलाई तथा अन्य मदों के बिलों का भुगतान नियमित रूप से प्रत्येक माह किया जाएगा, ताकि आंगनबाड़ी कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। ईपीएफ के मुद्दे पर मंत्री ने सकारात्मक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में संभावनाओं पर विचार कर रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए एनपीएस लागू करने का प्रस्ताव भी रखा। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर संगठन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। इस पर सहमति बनी कि आगामी बैठकों में ईपीएफ, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के अनुरूप मुआवजा प्रदान करने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी तथा आगामी बैठकों में इसके क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा करने तथा आगे की कार्यवाही तय करने के लिए मंत्री ने यूनियन के साथ 20 एवं 21 जुलाई को बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों का वे स्वागत करते हैं, लेकिन मांगों के संबंध में ठोस निर्णय और उनके क्रियान्वयन पर निगरानी रखी जाएगी। यदि आश्वासनों को निर्धारित समय में लागू नहीं किया गया तो यूनियन आगे के आंदोलनात्मक कार्यक्रमों पर विचार करेगी।
प्रदर्शन में राज्य सचिव अजय दुल्टा, कुलदीप डोगरा, अमित एवं बालक राम, राज्य उपाध्यक्ष सुदेश ठाकुर एवं भूपेंद्र सिंह तथा आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन से मंडी जिला से अंजुला, सुदर्शना एवं गोदावरी, चंबा जिला से अंजू एवं सरोज, कांगड़ा जिला से लज्जा, सुदेश, मंजू एवं बीना शर्मा, कुल्लू जिला से शशि किरण, प्रवीण एवं उमा, सिरमौर जिला से चंद्रकांता, देव कुमारी एवं नीलम शर्मा, सोलन जिला से राधा देवी, निर्मला एवं विद्या, बिलासपुर जिला से सुषमा एवं बिंदु, हमीरपुर जिला से सोनू एवं मधु तथा शिमला जिला से खिमी भंडारी, पिंगला गुप्ता एवं हरदई सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों आंगनबाड़ी कर्मियों ने भाग लिया।

