शिमला, 15 मई 26 (RHNN) : स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने शुक्रवार को कला संकाय विभाग में फीस वृद्धि के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर शिक्षा को महंगा बनाकर गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 अप्रैल 2026 को आयोजित एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में 30 से 40 प्रतिशत फीस वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया है, जिसका संगठन कड़ा विरोध करता है। सचिवालय साथी अखिल ने कहा कि फीस वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होंगे।
आर्ट क्वालिटी के प्रधान ने कहा कि शिक्षा को व्यापार का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल फीस, परीक्षा शुल्क, बस किराया और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी छात्रों और अभिभावकों की परेशानियां बढ़ा रही है। साथ ही सरकार द्वारा शिक्षा बजट में कटौती किए जाने की भी आलोचना की गई। एसएफआई ने मांग की कि फीस वृद्धि का प्रस्ताव तुरंत वापस लिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

