शिमला, 26 अगस्त (rhnn) : ऑक्लैंड स्कूल शिमला तथा हि0प्र0 विश्वविद्यालय शिमला के समाजशास्त्र विभाग के छात्र – छात्राओं ने सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया तथा उससे पूर्व कौंसिल चैम्बर के बाहर विधान सभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसदीय प्रणाली, संवैधानिक व्यवस्था, स्पीकर के पद के महत्व व सदन संचालन में भूमिका तथा मंत्रीमण्डल की शक्तियों बारे कई प्रश्न पूछे जिसका विधान सभा अध्यक्ष ने विस्तार से जवाब दिया। संवाद के दौरान विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह एक सुखद पल है कि आज के युवा व छात्र संसदीय प्रणाली तथा संसदीय प्रक्रिया जानने हेतु सदन की कार्यवाही देखने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। यही भारत के लोकतन्त्र की शक्ति है तथा इसका विश्व में सबसे बड़ा तथा मजबूत होने का दावा भी है।
पठानियां ने कहा लोक सभा तथा विधान सभा लोकतन्त्र के सबसे बड़े मन्दिर हैं जहाँ से देश की दशा व दिशा तय होती है। पठानियां ने कहा कि संविधान में कानून बनाने का अधिकार केवल संसद व विधान सभा को प्राप्त है। पठानियां ने कहा कि हम लोक सभा तथा विधान सभा सदस्यों का चुनाव सीधा अपने मतों से करते हैं। लोक सभा तथा विधान सभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है जबकि राज्य सभा तथा विधान परिषद सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। उन्होने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधायकों की संख्या 68 है जबकि लोक सभा सदस्यों की संख्या 4 व राज्य सभा सदस्यों की संख्या 3 निर्धारित है। पठानियां ने कहा कि आज का बालक कल का नेता है तथा अब देश व प्रदेश का भार आप सभी के कंधों पर है। उन्होने कहा कि हम सभी को अपने स्वतंत्रता सैनानियों की कुर्बानियों को सदैव स्मरण रखना होगा चूँकि आज अगर हम आजाद हैं, अपने हक की बात करते हैं, अपना संविधान है यह उन्हीं की शहादत की देन है। इस अवसर पर पठानियां ने उन्हें आज सदन में होने वाली कार्यवाही की जानकारी दी तथा सभी को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया।

