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पंचायत चौकीदारों को नियमित करने पर सरकार का फैसला, मानदेय भी बढ़ाया

शिमला, 31 अगस्त (rhnn) : पंचायत चौकीदारों की लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार ने नियमितीकरण का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को चौड़ा मैदान में पंचायत चौकीदार यूनियन की ओर से आयोजित सम्मेलन में कहा कि सेवा की पात्रता पूरी कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि चौकीदारों के हितों के संरक्षण को लेकर सरकार संवेदनशील है और उनकी अन्य लंबित मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष के बजट में पंचायत चौकीदारों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें 9 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और प्रदेश की संपदा का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए दूरगामी फैसले ले रही है।

सुक्खू ने कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नियमों और कानूनों में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल के अधिकारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अपने संसाधनों पर वाजिब हक लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं पर 80 रुपये, मक्की पर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य दे रही है। वहीं गाय के दूध के लिए 61 रुपये और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली को राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया फैसला बताया। सम्मेलन में इंटक उपाध्यक्ष पूर्ण चंद, पंचायत चौकीदार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम वर्धन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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