शिमला, 09 अक्टूबर (rhnn) : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि जीवन में ज्ञान के साथ कौशल, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायित्व की भावना का समावेशन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों सेे अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने के साथ-साथ नवाचार और नए अवसरों को अपनाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने आज सोलन जिले में बाहरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां भी प्रदान कीं। राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर केवल शैक्षणिक यात्रा की पूर्णता का प्रतीक नहीं है, बल्कि अवसरों, चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भरे एक नए अध्याय की शुरुआत भी है। स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों के अमूल्य योगदान से उन्होंने अपने जीवन की उपलब्धियों को हासिल किया है। उन्होंने सितम्बर 2010 में बाहरा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी के अंतर्गत स्थापित बाहरा विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 10 स्कूलों, 16 विभागों और 60 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ यह विश्वविद्यालय शिक्षा एवं अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है और यहां लगभग 4,000 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए ज्ञान के साथ कौशल, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायित्व की भावना को आत्मसात करना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहते हुए नवाचार और नए अवसरों को अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत-2047 की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार प्रदात्ता के रूप में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने तथा अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग समाज के व्यापक हित में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक सफलता तभी अधिक सार्थक बनती है, जब वह सामाजिक प्रगति और राष्ट्रीय विकास में योगदान देती है। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बनाए रखने, अपने माता-पिता की आकांक्षाओं को पूरा करने, शिक्षकों के विश्वास का सम्मान करने और राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, उद्देश्यपूर्ण और सफल भविष्य की कामना की। इससे पूर्व, बाहरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा ने राज्यपाल का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.पी. नांटा ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

