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चिट्टा व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज और भविष्य के लिए है खतरा : डॉ. राहुल राव

शिमला, 03 जनवरी 26 (RHNN) : आईजीएमसी शिमला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “हर दिन सेहत अभियान” के तहत चिट्टे के दुष्प्रभावों को लेकर एक प्रभावी जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के विरुद्ध समाज में चेतना पैदा करना और युवाओं को इसके घातक परिणामों से अवगत कराना रहा।

यह कार्यक्रम वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी शिमला डॉ. राहुल राव के मार्गदर्शन में तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने चिट्टे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में आईजीएमसी शिमला के लगभग 40 नर्सिंग छात्र-छात्राओं के अलावा अस्पताल की प्रशासनिक टीम, कर्मचारी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। सत्र के दौरान बताया गया कि चिट्टा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि समाज की जड़ों को खोखला करते हुए आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकार की ओर धकेलता है।

वक्ताओं ने कहा कि प्रमाण-आधारित जानकारी के माध्यम से ही लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।आईजीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि “हर दिन चिट्टे के खिलाफ : आज से, यहीं से, हम सब”के संकल्प के साथ इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि हिमाचल प्रदेश को नशा-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

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