शिमला, 03 अप्रैल 26 (RHNN) : भाजपा मीडिया प्रभारी एवं विधायक Ranadhir Sharma ने सोलन के चर्चित Chester Hills भूमि प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच हाई कोर्ट के किसी मौजूदा जज से करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और ईमानदारी का ढोंग कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि चेस्टर हिल भूमि प्रकरण ने प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्वयं प्रेस वार्ता कर अपने ऊपर लगे आरोपों का बचाव करना पड़ा, वह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां अधिकारी खुद सफाई देने सामने आएं और सरकार मौन रहे, वहां दाल में नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है।
भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्य सचिव की प्रेस वार्ता में कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आने से प्रदेश में सनसनी का माहौल बन गया है और जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के साथ-साथ उन्हें सेवा विस्तार देकर महत्वपूर्ण पदों पर बैठा रही है। रणधीर शर्मा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय फैसलों का केंद्र कम और ‘कमीशन कल्चर’ का अड्डा ज्यादा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ठेकेदारों के भुगतान भी कथित कमीशन के आधार पर हो रहे हैं। भाजपा विधायक ने एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने विधानसभा में एक बात कही, जबकि उसी दिन जारी अधिसूचना में कुछ और लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पांच सीटर वाहनों पर 100 रुपये एंट्री टैक्स लगाकर सरकार ने सीधे आम जनता की जेब पर हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पुराने बढ़े हुए रेट वसूले गए तो कहीं नई अधिसूचना के अनुसार टैक्स लिया गया, जिससे जनता और परिवहन क्षेत्र में भ्रम और आक्रोश की स्थिति बनी रही। उनका कहना था कि इससे व्यापार, टैक्सी ऑपरेटर और ट्रांसपोर्टर्स पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पंचायती राज चुनाव टालने और उसमें धांधली करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च को रोस्टर जारी होना था, लेकिन सरकार ने बैकडेट में अधिसूचना जारी कर उपायुक्तों को पांच प्रतिशत तक बदलाव की शक्ति दे दी। उन्होंने इसे संविधान के Article 243D of the Constitution of India और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि एक सीट बदलने से पूरे रोस्टर की श्रृंखला बदल सकती है।भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसा कानूनी विवाद पैदा करना चाहती है, जिससे पंचायत चुनाव टल जाएं, क्योंकि उसे अपनी हार का डर सता रहा है

