शिमला,26 मई 26 (RHNN) : हिमाचल प्रदेश के वर्तमान महाधिवक्ता अनूप कुमार रत्न ने आज आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 60 नवप्रवेशी अधिवक्ताओं को शपथ दिलवाई तथा उन्हें प्रैक्टिस सर्टिफिकेट वितरित किए। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, संविधान के प्रति निष्ठा तथा विधिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाधिवक्ता अनूप कुमार रत्न ने कहा कि अधिवक्ता केवल कानून के जानकार ही नहीं होते, बल्कि समाज में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण स्तंभ भी हैं। उन्होंने नव अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने पेशे में ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि एक सफल वकील वही होता है जो सत्य, नैतिकता और न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करे।
उन्होंने कहा कि वकालत केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी एक महत्वपूर्ण दायित्व है। अधिवक्ताओं को अपने व्यवहार और कार्यशैली से न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आधुनिक कानूनों और तकनीकी बदलावों की जानकारी निरंतर प्राप्त करते रहने का भी आह्वान किया, ताकि वे बदलते समय के अनुरूप अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान नव अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सभी अधिवक्ताओं ने विधि व्यवसाय में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित सदस्य आई. एन. महता, संजीव भूषण, विकास राठौर, तेजस्वी शर्मा, नरेंद्र गुलेरिया, राजीव राय, रंजना पटियाल, वीरबहादुर वर्मा, संजीव सूरी, विक्रांत चंदेल तथा तरुण पठानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी तथा बार एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद रहे।

