करसोग/शिमला, 25 जून (rhnn) : बाल विकास परियोजना कार्यालय करसोग के अंतर्गत आंगनबाड़ी सर्कल अलसिंडी के कांडा, धारली, माहोटा और मड़िऊनी केंद्रों में आयोजित समर कैंप बच्चों के कौशल विकास और सीखने की नई शैली के रूप में उभर रहे हैं। इन शिविरों में बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई से अलग व्यावहारिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। समर कैंप के दौरान बच्चों को चित्रकला, कविता पाठ, कहानी वाचन, योग, समूह खेलों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिल रहा है। इससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास देखा जा रहा है। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक सोच और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी केंद्र कांडा में सरिता देवी, धारली में मीना देवी, माहोटा में पूर्णिमा तथा मड़िऊनी में ममता के मार्गदर्शन में गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार यह पहल बच्चों को सीखने के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार और अभिव्यक्ति कौशल में भी मजबूत बना रही है। बाल विकास परियोजना कार्यालय करसोग का कहना है कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को किताबों से आगे ले जाकर अनुभव आधारित शिक्षा देना है, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। इसमें बच्चों की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है और कहा है कि ऐसे शिविर बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

