हमीरपुर/शिमला, 23 जुलाई (rhnn) : दियोटसिद्ध के चैत्र मास मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले आपदा मित्र अब सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय नजर आएंगे। जिला प्रशासन ने इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की सेवाएं नशा मुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण जैसे अभियानों में लेने का निर्णय लिया है। वीरवार को हमीर भवन में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने चैत्र मास मेलों के दौरान सराहनीय सेवाएं देने वाले आपदा मित्रों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों को केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित रखने के बजाय समाजहित के विभिन्न अभियानों से जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपदा मित्र योजना का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैयार करना है, जो किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय स्तर पर बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर सकें। किसी भी आपदा के दौरान स्थानीय लोग ही सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशिक्षित आपदा मित्र शुरुआती समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिले में आपदा मित्रों की सक्रिय भागीदारी से नशा मुक्त अभियान, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण जैसे अभियानों को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण प्रभारी समीक्षा शर्मा, जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के प्रभारी भानु शर्मा, स्वयंसेवी संस्था एडूकेयर के अधिकारी गुरजीत सिंह भुल्लर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

