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समग्र शिक्षा स्टाफ के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य हेतु आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय शिविर शुरू

शिमला , 01 दिसंबर 25 (RHNN) : समग्र शिक्षा न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयासरत है, बल्कि अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी के तहत समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा की विशेष पहल से समग्र शिक्षा निदेशालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य हेतू आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से तीन दिवसीय शिविर शिमला में शुरू किया गया है। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के अलावा समग्र शिक्षा के लगभग 120 अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षक टीम — श्वेता गुप्ता, सोनिया मिनोचा, गिन्नी गोयल, ममता सूद और नवीन नरवाल — द्वारा किया जा रहा है। पहले दिन प्रतिभागियों को गुरुदेव श्री श्री रविशंकर द्वारा विकसित विश्व प्रसिद्ध सुदर्शन क्रिया से परिचित कराया गया और इसका अभ्यास करवाया गया। प्रतिभागियों ने इस गाइडेड सत्र में सांसों को लयबद्ध करने की तकनीक का अभ्यास किया, जिसका सभी पर गहरा सकारात्मक प्रभाव देखा गया। शिविर में सुदर्शन क्रिया के साथ विभिन्न योगाभ्यास और प्राणायाम भी कराए गए, जिनका उद्देश्य शरीर को लचीला बनाए रखना, मांसपेशियों में तनाव कम करना और दीर्घकालिक ऊर्जा का संचार करना था। प्रशिक्षकों ने बताया कि ये प्रक्रियाएं केवल तात्कालिक राहत नहीं देती, बल्कि नियमित अभ्यास से मानसिक फोकस, निर्णय-क्षमता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होता है। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों ने सुदर्शन क्रिया के वैज्ञानिक पहलुओं और श्वास-नियमन के लाभों पर भी संक्षेप में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये अभ्यास न केवल आध्यात्मिक स्तर पर लाभकारी हैं, बल्कि तंत्रिका-तंत्र और हार्मोनल संतुलन पर भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। नियमित अभ्यास कार्यस्थल पर तनाव कम करने और बेहतर कार्य निष्पादन में सहायक होता है।

प्रतिभागियों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समग्र शिक्षा के कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उन्हें मानसिक रूप से अधिक सुदृढ़ बनाया है। कर्मचारियों ने कहा कि अभ्यास के बाद उन्हें मानसिक शांति और श्वास संबंधी सहजता का अनुभव हुआ है। उनका यह भी कहना था कि इन सरल और सुसंगत तकनीकों को वे अपने दैनिक कार्य दिवस में अपनाने के लिए प्रेरित महसूस कर रहे हैं। शिविर का प्रशिक्षण स्वरूप ऐसा रखा गया है कि प्रतिभागी इन तकनीकों को आसानी से अपने दैनिक जीवन और कार्यालयीन दिनचर्या में समायोजित कर सकें। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र शिक्षा में कार्यरत कर्मचारी राज्य के शैक्षिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यह पहल अत्यंत आवश्यक और समयोचित है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आयोजित यह शिविर कर्मचारियों को तनावमुक्त करने, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक कार्य-परिवेश बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समग्र शिक्षा भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन कर अपने कर्मचारियों के समग्र कल्याण को सुनिश्चित करता रहेगा।

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