शिमला, 07 फरवरी 26 (RHNN) : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए दूसरे दिन के दूसरे एवं अंतिम सत्र में शिमला और कांगड़ा जिला के विधायकों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा स्टोरेज पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। हिमाचल प्रदेश दूध तथा प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, जौ, मक्की एवं हल्दी पर सर्वाधिक समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य है। इससे ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा उनके जीवन स्तर में आशातीत बदलाव आयेगा।
उन्होंने कहा कि हाल ही के एक राष्ट्रीय सर्वे में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश 16 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए 5वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में राज्य 21वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा संस्थानों में उच्च तकनीक की मेडिकल मशीनरी उपलब्ध करवा रही है। सरकार ने चमियाणा तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी है तथा शीघ्र्र ही सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मरीजों को प्रदान कर दी जाएगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए राज्य में निवेशक हितैषी सुधारात्मक पहल की हैं, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश, केन्द्र सरकार द्वारा संचालित ‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2024’ में ‘टॉप एचीवर राज्य’ बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश डिजिटल नवाचारों में प्रगतिशील राज्य के रूप में उभर रहा है तथा सरकारी काम-काज में डिजिटाइजेशन और ई-फाइलिंग प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। नागरिक केन्द्रित डिजिटल सेवा वितरण में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हिमाचल को ‘पीपल फर्स्ट इन्टीग्रेेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से तैयार 2025 की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानव विकास सूचकांक औसत 0.78 है, जो राष्ट्रीय औसत 0.63 से अधिक है। यह इस बात का प्रमाण है कि एक पर्वतीय राज्य सीमित संसाधनों के बावजूद भी सही नीतियों और जन सहभागिता से प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से आग्रह किया कि वह अपनी विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित प्रपत्र पर शीघ्र योजना विभाग को दें ताकि उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विधायकों से प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को सफल बनाने के लिए अपना सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। बैठक में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

