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सरकारी डाइट में डीएलएड की खाली सीटों पर उठे सवाल, शिक्षा बोर्ड पर निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने का आरोप

शिमला, 08 फरवरी 26 (RHNN) : हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में संचालित सरकारी डाइट (DIET) संस्थानों में डीएलएड की सैकड़ों सीटें रिक्त पड़ी होने के बावजूद इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रवेश का अवसर न मिलना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस स्थिति को लेकर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश के पूर्व प्रान्त महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एक ओर सरकारी डाइट संस्थानों में सीटें खाली हैं, वहीं दूसरी ओर निजी संस्थानों में डीएलएड पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थियों से भारी शुल्क वसूला जा रहा है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर लाखों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से यह धारणा बन रही है कि शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली निजी संस्थानों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा रही है, जो शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगाती है। शिक्षा का मकसद विद्यार्थियों को सुलभ और किफायती अवसर देना होना चाहिए।

डॉ. पुंडीर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से मांग की है कि वे इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करते हुए सरकारी डाइट संस्थानों में रिक्त सीटों को तुरंत भरने, प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और छात्रों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण का समान अवसर देना राज्य की जिम्मेदारी है।

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