शिमला, 20 फरवरी 26 (RHNN) : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने रोहड़ू क्षेत्र का दौरा कर कानून-व्यवस्था, नशा रोकथाम, पुलिस व्यवस्थाओं तथा क्षेत्र में संचालित सुरक्षा गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत उपमंडलाधिकारी कार्यालय रोहड़ू के चांशल सम्मेलन कक्ष में अधिकारियों, बार काउंसिल रोहड़ू, पत्रकारों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, नशा उन्मूलन, यातायात प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता जिले में सिंथेटिक ड्रग्स पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसके विरुद्ध सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई ‘एंटी चिट्टा’ मुहिम में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को इस कुरीति से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस व्याप्त सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में पुलिस को कुछ सफलता भी प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें तथा नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा प्रशासन को दें।
एसएसपी ने बताया कि रोहड़ू क्षेत्र में पुलिस स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जाएगा, ताकि जांच कार्य प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त आवश्यकता अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस कर्मियों एवं जांच अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के दौरान उपस्थित सभी हितधारकों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। एसएसपी शिमला ने आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, क्षेत्रीय वन अधिकारी रोहड़ू एन. रविशंकर शर्मा, डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान सहित अन्य अधिकारीगण तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

