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एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को ज्ञापन सौंपा

शिमला, 20 फरवरी 26 (RHNN) : एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न बुनियादी समस्याओं को लेकर चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से छात्रावासों की जर्जर स्थिति, लंबे समय से लंबित मरम्मत कार्य तथा विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया गया। इकाई ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि बेहतर आवासीय सुविधाओं से भी अपनी पहचान बनाता है। यदि छात्रावासों की स्थिति दयनीय रहेगी तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर पड़ेगा। ज्ञापन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग पिछले दो वर्षों से बंद पड़े श्रीखंड हॉस्टल को जल्द से जल्द रिनोवेट कर विद्यार्थियों के लिए पुनः खोलने की थी। एसएफआई ने बताया कि श्रीखंड हॉस्टल लंबे समय से मरम्मत के नाम पर बंद है, जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों को आवास की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ष नए विद्यार्थियों का प्रवेश होता है, लेकिन हॉस्टल की सीमित उपलब्धता के कारण उन्हें निजी मकानों में महंगे किराए पर रहना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। एसएफआई ने प्रशासन से मांग की कि रिनोवेशन कार्य की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आगामी सत्र से पहले हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।

दूसरी प्रमुख मांग एस बी एस और वाई एस पी हॉस्टल की शीघ्र रिनोवेशन से संबंधित थी। परिसर सचिव ने बताया कि इन दोनों छात्रावासों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। कई कमरों में सीलन, टूटे दरवाजे-खिड़कियां, खराब विद्युत व्यवस्था और जर्जर शौचालय जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। विद्यार्थियों को असुविधाजनक परिस्थितियों में रहना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एसएफआई ने प्रशासन से आग्रह किया कि इन छात्रावासों के लिए अलग से बजट निर्धारित किया जाए और चरणबद्ध तरीके से सभी मरम्मत कार्य पूरे किए जाएं। संगठन ने यह भी कहा कि छात्र प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाकर रिनोवेशन कार्य की निगरानी की जाए, ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। तीसरी महत्वपूर्ण मांग हॉस्टलों में जिम उपकरणों की मरम्मत से संबंधित थी। एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल और व्यायाम की सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। वर्तमान में कई जिम उपकरण खराब पड़े हैं या उपयोग के लायक नहीं हैं, जिससे विद्यार्थी नियमित व्यायाम नहीं कर पा रहे। संगठन ने मांग की कि सभी हॉस्टलों में उपलब्ध जिम उपकरणों की तुरंत जांच कराई जाए और जो भी मशीनें खराब हैं, उनकी शीघ्र मरम्मत करवाई जाए। साथ ही, जहां आवश्यकता हो, वहां नए उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएं।

ज्ञापन सौंपते समय एसएफआई के परिसर सचिव मुकेश ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। हॉस्टल केवल रहने की जगह नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के बौद्धिक और सामाजिक विकास के केंद्र होते हैं। यदि वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, तो शिक्षा का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो एसएफआई छात्र समुदाय के साथ मिलकर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। एसएफआई ने उम्मीद जताई कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को समझते हुए जल्द ठोस कार्रवाई करेगा। अंत में, एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने दोहराया कि वह छात्र हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगी और परिसर में बेहतर शैक्षणिक व आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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