शिमला,21 मई 26 (RHNN) : फेम इंडिया के सबसे प्रभावशाली 100 डीएम में पांच डीसी हिमाचल प्रदेश के हैं, जिन्होंने अपने ‘अनुपम’ कार्यों से ये पहचान पाई है. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मौजूद ब्रिटिश कालीन इमारत में जिले के सबसे ताकतवर नौकरशाह का दफ्तर है. इसी दफ्तर में एक ‘अनुपम’ अधिकारी बैठता है, नाम है अनुपम कश्यप, पद है डीसी शिमला. इन्हीं का नाम फेम इंडिया के सबसे प्रभावशाली 100 डीएम में है. हिमाचल में ये पदनाम (डीएम) डीसी के रूप में है. वैसे तो फेम इंडिया के सर्वे की अपनी ही प्रक्रिया है, लेकिन ये ‘अनुपम’ अफसर चुपचाप लीक से हटकर काम करने में विश्वास करता है.
विद्यार्थी काल में अनुपम कश्यप मेधावी छात्र थे. वे भली-भांति जानते हैं कि एक स्टूडेंट के लिए डिक्शनरी कितनी उपयोगी है. अनुपम कश्यप ने अपने जिले के एक सरकारी स्कूल को गोद लिया. ये सिर्फ औपचारिक रूप से गोद लेने की प्रक्रिया पूरा करने जैसा नहीं था. उन्होंने स्कूल में छात्रों को अपने पैसे से डिक्शनरीज बांटी. उन्होंने 273 बच्चों को ये तोहफा दिया. इस पर सत्तर हजार रुपए का खर्च उन्होंने खुशी से उठाया. अनुपम कश्यप ऐसे काम करते रहते हैं. कुछ समय पहले जिला स्तर पर निराश्रित बच्चों के लिए स्थापित कोष की शुरुआत भी उन्होंने अपनी जेब से 51 हजार रुपए के अंशदान से की. जिला स्तरीय सुख आश्रय कोष में पहला अंशदान डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने ही किया.
हिमाचल में नशे की घातक प्रवृति पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण स्तर पर काम करने की जरूरत को पहचानते हुए डीसी अनुपम कश्यप ने नंबरदारों को एक जिम्मेदारी सौंपी. नशे के खिलाफ सरकार के अभियान में उन्होंने नंबरदारों को भी सहयोगी बनाया. इस मुहिम का असर ये हुआ कि अब ग्रामीण स्तर पर नशे का काला कारोबार करने वाले असामाजिक तत्वों को लेकर प्रशासन तक सूचनाएं पहुंच रही हैं. जिला शिमला में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने में इस युवा अफसर ने अहम भूमिका निभाई है. इससे पहले अनुपम कश्यप ने परिवहन निदेशालय में सेवा के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया. उनकी सेवाओं के दौरान ही परिवहन निदेशालय हिमाचल सरकार का पहला निदेशालय बना, जहां के वाहनों में पेट्रोल व डीजल का प्रयोग नहीं होता.
फेम इंडिया बेस्ट डीएम का चुनाव करते समय न सिर्फ आम जनता से फीडबैक लेती है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों से राय ली जाती है. ये सर्वे 10 पैरामीटर्स पर आधारित होता है. डीएम का क्या विजन है, क्या नवीन प्रयोग किए गए हैं, आम जनता के हित के निर्णय कैसे लिए गए हैं, संकटपूर्ण स्थितियों में किस तरह से क्विक रिस्पांस किया गया आदि. ऐसे पैरामीटर्स पर डीएम की कार्यप्रणाली को कसा जाता है.
अनुपम कश्यप 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने प्रदेश सरकार में विभिन्न पदों पर सेवाएं दी हैं. मौजूदा समय में वे शिमला जिले के डीसी हैं. उससे पहले वे परिवहन निदेशालय में सेवारत थे. अनुपम कश्यप उच्च शिक्षित अधिकारी हैं. उन्होंने एमबीए भी किया है. कॉलेज समय में वे अत्यंत कुशल डिबेटर रहे हैं. साल 1972 में 24 अक्टूबर को जन्मे अनुपम कश्यप के पिता एचएन कश्यप भी प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं. वे फरवरी 2024 में जिला शिमला के डीसी बनाए गए थे. अनुपम कश्यप का कहना है कि उनका हर संभव प्रयास रहता है कि जिले की आम जनता की समस्याओं को समय पर दूर किया जाए. उनका कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी को अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए तत्पर रहना चाहिए.

