शिमला,03 जून 26 (RHNN) : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वर्षों से लंबित ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और कम्यूटेड पेंशन के भुगतान न होने से नाराज पेंशनरों ने सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। पेंशनरों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वैधानिक लाभों के लिए उन्हें वर्षों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बुधवार को आशियाना शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की मासिक बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.एल. चौहान ने की, जबकि महासचिव टी.आर. गुप्ता ने पेंशनरों के समक्ष विभिन्न लंबित मामलों और फोरम की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी रखी। बैठक में बताया गया कि एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को आज तक लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेड पेंशन जैसी वैधानिक देनदारियों का भुगतान नहीं हुआ है। पेंशनरों ने कहा कि जीवनभर सेवाएं देने के बाद भी उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसके अलावा 31 दिसंबर 2024 के बाद 70 से 75 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों के एरियर भुगतान का मामला भी बैठक में उठा। सदस्यों ने मांग की कि इन मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। साथ ही लंबित मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति में तेजी लाने की भी मांग रखी गई, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को उपचार संबंधी खर्चों के लिए परेशान न होना पड़े। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में सरकार और बोर्ड प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि यदि लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो पेंशनर फोरम प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बोर्ड प्रबंधन की होगी।

