शिमला, 02 जुलाई(rhnn) : हाटी विकास मंच (पंजीकृत) हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीकरण मिलने पर राज्य सरकार, हिमकोस्ट, संबंधित विभागों, शिल्पकारों और प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मंच ने कहा कि सिरमौरी लोइया को GI टैग मिलना सिरमौर, विशेषकर गिरिपार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तकला और स्थानीय बुनकरों की कला का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। मंच के अनुसार GI टैग से सिरमौरी लोइया की विशिष्ट पहचान को कानूनी संरक्षण मिलेगा, नकली उत्पादों पर रोक लगेगी तथा बुनकरों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलेगा। मंच ने सरकार से इसके प्रचार-प्रसार, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स से जोड़ने, कौशल विकास और बुनकरों को आर्थिक सहायता के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की मांग की। मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा सहित अन्य पदाधिकारियों ने इसे पूरे गिरिपार क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए क्षेत्रवासियों, शिल्पकारों और बुनकरों को शुभकामनाएं दीं।
previous post

