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ढली की बेटियों ने साबित किया—प्रतिभा की कोई सीमा नहीं

शिमला, 07 सितंबर (rhnn) : पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और बौद्धिक गतिविधियों में भी छात्राएं किसी से पीछे नहीं हैं। इसका शानदार उदाहरण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढली की छात्राओं ने पेश किया है। अंडर-19 जोनल प्रतियोगिताओं में विद्यालय की छात्राओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए चार अलग-अलग प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किया। ढली स्कूल की छात्राओं ने मार्च पास्ट, संस्कृत गीता, वाद-विवाद प्रतियोगिता और सुप्रभात श्लोक उच्चारण में अव्वल रहकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। खास बात यह रही कि छात्राओं ने खेल मैदान से लेकर सांस्कृतिक और बौद्धिक मंच तक अपनी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ा।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सुशीला हंसरेटा और शारीरिक शिक्षिका पूनम ठाकुर ने बताया कि छात्राओं ने सभी प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। मार्च पास्ट में टीम ने अनुशासन, कदमताल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं संस्कृत गीता, वाद-विवाद और सुप्रभात श्लोक उच्चारण में भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीत हासिल की। विद्यालय प्रशासन की ओर से विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य सुशीला हंसरेटा ने कहा कि यह उपलब्धि छात्राओं की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शारीरिक शिक्षिका पूनम ठाकुर ने कहा कि खेलों के साथ सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ढली स्कूल की छात्राएं आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन करेंगी।

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