शिमला, 14 जनवरी 26 (RHNN) : बदलते मौसम, कम चिलिंग आवर्स और अनियमित बारिश जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड ने सॉइल टेस्टिंग कैंपेन की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को खाद और उर्वरक डालने से पहले मिट्टी की वैज्ञानिक जांच के महत्व से अवगत कराना और सही पोषक तत्वों की जानकारी देकर फसल की गुणवत्ता में सुधार करना है।
कैंपेन की शुरुआत 5 जनवरी को सेंज से हुई, जो 12 जनवरी तक चलेगा। इसके बाद यह अभियान 13 से 18 जनवरी तक रोहड़ू और 18 से 22 जनवरी तक रामपुर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 3 से 4 हजार से अधिक सेब बागवानों के शामिल होने की उम्मीद है। अभियान के तहत सॉइल टेस्टिंग विशेषज्ञ, लैब टेक्नीशियन, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौनी से जुड़े वैज्ञानिक और प्लांट पैथोलॉजी विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। किसानों को मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति, आवश्यक खाद की मात्रा, सही प्रूनिंग तकनीक और मिट्टी की सेहत बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है, ताकि सेब की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके।

गौरतलब है कि अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड लंबे समय से हिमाचल के सेब बागवानों के साथ जमीनी स्तर पर जुड़कर काम कर रही है। कंपनी न केवल खरीद सीजन के दौरान सेब की नियमित खरीदी करती है, बल्कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराती है। इससे पहले नवंबर माह में चलाए गए सॉइल टेस्टिंग कैंपेन को भी किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। अदाणी एग्री फ्रेश का यह अभियान किसानों को टिकाऊ और वैज्ञानिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

