शिमला, 09 फरवरी 26 (RHNN) : रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन (सीटू) के बैनर तले तहबाजारियों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला परिसर से बेदखली के खिलाफ सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 11 बजे सीटू कार्यकर्ता और सैकड़ों तहबाजारी समरहिल चौक पर एकत्रित हुए और रैली के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन चला।
प्रदर्शन के बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह से मुलाकात कर उजाड़े गए तहबाजारियों को पुनः बसाने की मांग रखी। इस पर कुलपति ने आश्वासन दिया कि जल्द ही प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उजाड़े गए तहबाजारियों को आवंटित की जाएंगी। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव विवेक कश्यप, रामप्रकाश, दलीप सिंह, प्रताप चौहान, पवन कुमार, अमित कुमार और तुलसी राम शामिल रहे।
इस दौरान प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि समरहिल स्थित एचपीयू परिसर से तहबाजारियों को गैरकानूनी तरीके से उजाड़ा जा रहा है। उन्हें न तो वैकल्पिक स्थान दिया जा रहा है और न ही बसाने से पहले हटाया जा रहा है, जो कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 का खुला उल्लंघन है।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और जिला सचिव विवेक कश्यप ने कहा कि वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने का अधिकार और अनुच्छेद 19 के तहत व्यवसाय करने के अधिकार को दरकिनार कर विश्वविद्यालय प्रशासन तहबाजारियों के रोजगार पर लगातार प्रहार कर रहा है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तहबाजारियों की बेदखली तुरंत बंद नहीं की गई और कानून को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को प्रताप चौहान, दलीप सिंह, वीरेंद्र लाल, सीताराम, पंकज शर्मा, महक सिंह, उजागर सिंह, सन्नी सिकटा, पवन कुमार, आशीष कुमार और अमन कुमार ने भी संबोधित किया।

