शिमला, 31 अगस्त (rhnn) : राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) शिमला में सोमवार को प्रसिद्ध गैर सरकारी संस्था ‘गूंज’ के सहयोग से ‘दान उत्सव : एक पहल और समाज के प्रति सतत योगदान’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्राओं को सामाजिक जिम्मेदारी, सतत जीवनशैली और पुनर्चक्रण के माध्यम से समाज के लिए सार्थक योगदान देने के लिए जागरूक किया गया। महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना ने कहा कि दान केवल अनुपयोगी वस्तुएं किसी जरूरतमंद को देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की गरिमा और सम्मान को बनाए रखते हुए संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करना भी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न सामाजिक और सतत पहलों की जानकारी भी साझा की।
‘गूंज’ टीम ने छात्राओं को संस्था की कार्यप्रणाली और विभिन्न पहलों से अवगत करवाते हुए बताया कि अतिरिक्त और अनुपयोगी समझी जाने वाली सामग्री को पुनः उपयोगी बनाकर सामुदायिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इस दौरान सुश्री खुशबू, अभिषेक और पीके अहलूवालिया ने छात्राओं से संवाद किया। प्राचार्या ने कहा कि महाविद्यालय अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में दान उत्सव पहल में सक्रिय रूप से भाग लेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य छात्राओं में सामाजिक और मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्राएं और महाविद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

