शिमला, 28 मार्च 26 (RHNN) : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शनिवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद (EC) को ज्ञापन सौंपते हुए मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें उठाईं।
एसएफआई के कैंपस सचिवालय सदस्य अखिल ने कहा कि विश्वविद्यालय को स्थापित हुए 56 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी छात्र हॉस्टल की बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 14 हॉस्टल हैं, जिनमें स्वच्छ पेयजल की कमी, खराब शौचालय, जर्जर कमरों और पाइपलाइन जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। साथ ही श्रीखंड बॉयज हॉस्टल के नवीनीकरण कार्य में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई।
एसएफआई के विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष अमन ने कहा कि संगठन नई शिक्षा नीति (NEP-2020) का विरोध करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति के माध्यम से शिक्षा के व्यापारीकरण और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में बसों की संख्या कम होने से छात्रों को निजी बसों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। एसएफआई ने विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षक कर्मचारियों की लंबित भर्तियों और पूर्व में हुई प्रोफेसर भर्ती की न्यायिक जांच की मांग भी उठाई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो छात्रों को साथ लेकर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

