शिमला, 01 सितंबर (rhnn) : अपनी वर्षों पुरानी लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर हिमाचल प्रदेश के हजारों पेंशनरों का गुस्सा मंगलवार को राजधानी की सड़कों पर फूट पड़ा। प्रदेशभर से पहुंचे 18 संगठनों के पेंशनरों ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चौड़ा मैदान में विशाल रैली की। सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान बुजुर्गों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लंबित भुगतान जल्द नहीं होने पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के घेराव तक की चेतावनी दे डाली। रैली का नेतृत्व संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने किया। चौड़ा मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचे पेंशनरों ने सरकार पर बार-बार आश्वासन देकर मांगों को टालने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लंबित देनदारियों के भुगतान की ठोस अधिसूचना चाहिए।
समिति के महामंत्री इंदर पाल शर्मा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से भारी संख्या में पहुंचे पेंशनरों और संगठनों के पदाधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह तीसरा अवसर है, जब बड़ी संख्या में पेंशनर अंबेडकर चौक और चौड़ा मैदान में अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुए हैं। अतिरिक्त महामंत्री भूप राम वर्मा ने मंच संचालन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार झूठे आश्वासन देकर पेंशनरों को लगातार अपमानित कर रही है। एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, 166 माह के वेतन एरियर और पेंशन एरियर का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उनका कहना था कि मौजूदा सरकार के चार वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन पेंशनरों की प्रमुख मांगें अभी भी अधूरी हैं। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन कल्याण संघ के अध्यक्ष बृज लाल ठाकुर ने कहा कि पेंशनरों को तीन प्रतिशत डीए का भुगतान भी नहीं किया गया है। परिवहन निगम के पेंशनरों को हर माह समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग उठाई कि एचआरटीसी पेंशनरों को प्रत्येक माह की पहली तारीख को पेंशन दी जाए और उनके लंबित चिकित्सा बिलों का भी शीघ्र भुगतान किया जाए।
प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि 13 मई को मुख्यमंत्री ने संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था। इस दौरान 31 जुलाई से पहले 40 प्रतिशत लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी के भुगतान की अधिसूचना जारी करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने यह आश्वासन भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसी वादाखिलाफी के कारण आज हजारों पेंशनरों को विधानसभा घेराव के लिए मजबूर होना पड़ा है। ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सभी लंबित देनदारियां जल्द चुकता नहीं कीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में संयुक्त संघर्ष समिति मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का भी घेराव करेगी। प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने पिछली जयराम सरकार पर भी पेंशनरों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। कहा कि दोनों प्रमुख दलों की सरकारों के रवैये से पेंशनर और कर्मचारी वर्ग नाराज है। रैली में विभिन्न विभागों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने पेंशनरों की समस्याएं उठाईं और संघर्ष समिति को आंदोलन में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। रैली को ओपी चौहान, विनोद सूद, सुरिंदर वर्मा, शिव सिंह सैन, प्रभु राम वर्मा, देवी लाल ठाकुर, मोहन नेगी, सुरिंदर ठाकुर, हिम्मत राम शर्मा, हेम सिंह ठाकुर, नीलम चौहान, संदेश शर्मा, रुमा चंदेल, डीके सोनी, हरमेश राणा, चेत राम वर्मा, गंगा राम शर्मा, लाइक राम शर्मा, मोहन ठाकुर, मदन शर्मा, भाग चंद चौहान, चमन भाटिया, बुद्धि राम जस्ता और रविंदर राणा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

