शिमला, 05 मार्च 26 (RHNN) : हिमाचल प्रदेश में लंबित वित्तीय लाभों को लेकर पेंशनरों में नाराजगी बढ़ने लगी है। प्रदेश के करीब 40 हजार पेंशनर 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभों से अब तक वंचित हैं। इस मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने शिमला के कालीबाड़ी में बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की और सरकार से लंबित देनदारियां जल्द जारी करने की मांग उठाई।
बैठक में पेंशनरों ने कहा कि एरियर, डीए और मेडिकल बिलों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने कहा कि पेंशनर सरकार के साथ समन्वय बनाकर अपनी मांगों का समाधान चाहते हैं, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार के आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं, जिससे देनदारियों के भुगतान में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित देनदारियां जारी करने की घोषणा की है, लेकिन कुछ अधिकारियों के कारण इसमें अड़चन आ रही है। पेंशनरों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित भुगतान जल्द जारी नहीं किया गया तो इसके खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने सरकार से मांग की है कि आगामी बजट में पेंशनरों के एरियर, डीए और मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान किया जाए, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें राहत मिल सके। पेंशनरों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति भी अपनाई जाएगी।

