शिमला, 22 मार्च 26 (RHNN) : राजधानी शिमला के शोघी से सटे खुशहाला मंदिर में इन दिनों आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। कथा के तीसरे दिन वृंदावन धाम से पधारे पूज्य श्रीदामाकिंकर महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीराम के आदर्श जीवन और उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं।
श्रीदामाकिंकर महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म का प्रतीक है। उनके जीवन से हमें सत्य, कर्तव्य और सेवा का मार्ग सीखने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को श्रीराम के आदर्शों की सबसे अधिक आवश्यकता है, क्योंकि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सफल और सुखमय बनाया जा सकता है।
उन्होंने अपने प्रवचनों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने हर परिस्थिति में धैर्य, विनम्रता और धर्म का पालन किया। यही कारण है कि उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। महाराज ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में राम नाम का स्मरण करें और सदाचार को अपनाएं।कथा के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का भी वितरण किया

