शिमला,02 जून 26 (RHNN) : नगर निगम शिमला की 4 जून को प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से ठीक पहले सफाई कर्मचारियों का विवाद राजभवन तक पहुंच गया है। गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार दलित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि 15 मई से शुरू हुए आंदोलन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और अन्य लंबित मांगों को लेकर संघर्ष किया। आंदोलन के बीच ईएसएमए लागू कर 41 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष पैदा हुआ। बाद में महापौर के साथ हुई वार्ता में 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि बहाल करने और 4-9-14 वेतनमान लागू करने का आश्वासन मिलने पर हड़ताल समाप्त हुई, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि अब तक वादों को पूरी तरह अमलीजामा नहीं पहनाया गया है।
गदर फ्रंट ने विशेष रूप से उन शर्तों पर आपत्ति जताई है, जिनके तहत कुछ सुपरवाइजर्स से बहाली के दौरान एफिडेविट लिए जाने की बात सामने आई है। संगठन का कहना है कि इस तरह की शर्तें कर्मचारियों के संवैधानिक और श्रमिक अधिकारों के विपरीत हैं। ज्ञापन में सभी बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली, बकाया लाभों का भुगतान, 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की स्थायी बहाली, नियमितीकरण और श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। गदर फ्रंट ने राज्यपाल से आग्रह किया कि सरकार को निर्देश देकर कर्मचारियों से किए गए वादों को लागू कराया जाए। संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि एजीएम में कर्मचारियों की मांगों पर संतोषजनक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन का अगला चरण और अधिक व्यापक हो सकता है, जिसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

